धान से गेंहू उगाने वाले पत्रकार JIO इंस्टीट्यूट पर ज्ञान दे और कम्युनिष्ट विचारक जब किसी रिपोर्ट को करने लगें तो कान खड़े कर लो : रंजय त्रिपाठी

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6 संस्थानों पर बात चल रही है … कैसे ये किया और ये क्यों किया और क्यों इसको किया ?? प्रश्न उठना चाहिए और ठीक है उठाना प्रश्न .. फिर हमने पूरा मामला जाना और तब समझ में आया … सारा मामला प्रेस में उठाया किन लोगों ने? उन्होंने जिनको धान – गेहूँ – ज्वार – बाजरा का पता नहीं और बैंक की ब्रांच खोलने पर से लेकर हर चीज़ के एक्सपर्ट हैं .. तेजस्वी यादव जो पता नहीं 8 भी पास किया की नहीं, राहुल गाँधी जो ग्रेस मार्क्स से 42.3% लेकर 12 पास किया और DU में झूठा सर्टिफिकेट देकर प्रवेश लेने का अपराधी है … फिर NDTV ने कार्यक्रम कर दिया और जनसत्ता ने लेख मार दिया … रामचंद्र गुहा ने कहा तब पक्का लगा कि कुछ तो चल रहा है इन लोगों का … धान – गेहूँ, मक्का – बाजरा न समझने वाले और बैंक के ब्रांच खुलने को भी न समझने वाले सब एक लाइन में लगे हैं … इसलिए इस मामले को समझना जरूरी था … सो कुल मिलकर मामला ये है …
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इंस्टिट्यूट सेलेक्ट करने का तीन तरीका था … 1. सरकारी संस्थान .. 2. प्राइवेट संस्थान … 3. प्राइवेट लोगों से नए इंस्टिट्यूट लगाने का प्रस्ताव …
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पहले में IITD, IITB और IISc आया और इसमें कोई मतभेद नहीं, इनको सरकारी फण्ड मिलेगा हर साल 1000 करोड़ रुपये अगले पांच साल तक और ये institute of Eminent कैटेगरी ने बनाए जाएँगे …
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दूसरा BITS और Manipal आए .. इसमें भी कोई मतभेद नहीं, ये institute of Eminent कैटेगरी ने बनाए जाएँगे लेकिन फण्ड्स सरकार नहीं देगी, इनको खुद का फंड्स प्रोजेक्ट और रिसर्च कोलैबोरेशन से जुटाना होगा … इन दो के अलावा कई और भी प्राइवेट संसथान हैं लेकिन वो उस लायक नहीं है ये मुझे पक्का मालूम है, इनकी सिर्फ बिल्डिंग सूंदर है बड़ी बड़ी लेकिन लेकिन सिर्फ कॉल सेंटर में या 10 – 20 हज़ार की नौकरी दिलाने की कोठियां है .. लैब से लेकर फैकल्टी के मामले में सुन्न बटा भेली हैं …
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तीसरा था कि सरकार ने एजुकेशन में नए इन्वेस्टमेंट के लिए आवदना मंगाया था जिसमे वो इंस्टिट्यूट बनाएगा अपने पैसे लगाएगा, लैब बनाएगा, फैसिलिटी सेट करेगा और उसको 3 साल का समय दिया जाएगा .. सरकार कोई फण्ड नहीं देगी .. तीन साल के अंदर अगर वो वर्ल्ड क्लास फैसिलिटी बना लेता है तो फिर 3 वर्ष के पाद EEC उसका रिव्यु करेगा और तब उसके बाद फैसला लिया जाएगा .. इसके लिए सिर्फ LOI जारी हुआ है .. अगर पास हुआ तो उसको Institute of Eminent बनने की कैटेगरी में डाला जाएगा .. इस पर प्रपोजल देने वालों को बुलाया गया, उन्होंने प्रेजेंटेशन दिया जिसमे Jio ने सबसे बढ़िया प्रेजेंटेशन दिया हर क्राइटेरिया पर, फिर उसको मौका दिया गया है कि बनाओ .. ये सब MHRD के साइट पर साफ़ है कि Jio Institute को Institute of Eminent कैटेगरी का इंटेंट है न कि वो है .. अगर 3 वर्ष में अगर EEC ने फेल कर दिया तो गया .. हट जाएगा …
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धान के पौधे से गेहूँ उगाने वाले पत्रकार, 8 वीं फेल, 12 वीं घींच घांच के ग्रेस से पास, सोशल मीडिया के पीडी और कम्युनिष्ट विचारक जब किसी रिपोर्ट को करने लगें तो कान खड़े कर लो … आधिकारिक पत्रवाली पढ़ो, सरकारी कागज़ देखो और समझो फिर आगे बढ़ो …
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इन लोगों के लिंक की सच्चाई वहीँ हैं जिनके दम पर दो दिन पहले जाकिर नाईक आ रहा था, नीरव मोदी हॉन्ग कॉन्ग में धरा गया था (इस पर हम भी बेवक़ूफ़ बन गए थे क्योंकी कुछ ख़ास लोगों ने डिट्टो कर दिया था ) … इनके लिंक को रखो लिंग पर और दक्खिन कर के मामले को समझो ..

रंजय त्रिपाठी 

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