ख से खबूतर सोचने वाले बच्चों को प्रोत्साहित कीजिये ………. अजित सिंह

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पिछले दो दिनों से ये Pic सोसल मीडिया पे वायरल हुई पड़ी है ।
यूँ इसे बनाने वाले ने तो इसे एक चुटकुले के रूप में पेश किया है पर प्राइमरी शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों और Parents के लिए ये बड़ी आम बात है ।
अक्सर बच्चे ऐसे Out Of The Box जा के सोचते हैं ।
और जब कभी कोई बच्चा ऐसे कुछ नया सोचता है , हमारी teachers की community में भूचाल आ जाता है ……..
ऐसे कैसे सोच लिया ?
नया क्यों सोचा ?
स्थापित मान्यताओं और सिद्धांतों से इतर क्यों सोचा ?
आज की हमारी शिक्षा तो कहती है कि फालतू में दिमाग मत लगाओ , अपना दिमाग मत लगाओ , जो उत्तर मैंने लिखा दिया उसे रटो और कॉपी में लिख दो ।

अच्छा अब आप स्वयं इस pic का विश्लेषण कीजिये और मुझे बताइये की अगर वाकई एक बच्चे ने इस प्रश्न का उत्तर ऐसे ही दिया तो इसमें गलत क्या है ????
गलत तो तब होता न जब बच्चा लिखता की ख से चबूतर …….. ख से खबूतर में गलत क्या है ????
क्या प्रश्न करने वाले ने ऐसी कोई शर्त लगाई थी कि blank में भरा जाने वाला शब्द meaningful ही होना चाहिए ।

मेरे एक मित्र हैं मुम्बई में , भाई Naveen Joshi जी , उनके सामने अगर ये copy आ जाये तो वो तो इस बच्चे को select कर लेंगे , क्योंकि ये बच्चा Out of the Box सोचता है , लीक से हट के सोचता है ……. नया सोचता है , logical है ……….

मुझे भीमताल की एक शिक्षाविद Ruth Rastogi जी द्वारा सुनाई गई वो कहानी याद आती है जहां तीसरी कक्षा के बच्चों को Truck का चित्र बनाने को दिया गया तो सबने तो पारंपरिक चित्र बना दिया ट्रक का , पर एक बच्चा कुछ आड़ी तिरछी लकीरें खींच लाया …….. teachers को समझ न आये की आखिर ये क्या है ? ये लकीरें क्या हैं ?
अब वो बच्चा इतना छोटा था कि अपने चित्र को समझा न पाए , ये सिद्ध ही न कर पाए कि ये truck है ।
बहुत दिन बाद ये पहेली यूँ सुलझी जब Ruth Rastogi जी को ये पता चला कि लड़के का बाप एक truck मेकैनिक है और सारा दिन ट्रक के नीचे घुस के लेट के Trucks Repair करता है और वो बच्चा अक्सर अपने फ्री टाइम में अपने पिता की मदद करता है , वो भी उन trucks के नीचे लेटा रहता है और अपने पिता को tools इत्यादि थमाता है , Nut Bolts कसता है …….. एक आम बच्चा ट्रक को बाहर खड़ा दूर से देखता है पर वो बच्चा उसी ट्रक के नीचे घुस के लेट के देखता है , उसे ट्रक की चेसिस दिखती है …….. उसका truck बाकी बच्चों के truck से अलग है ……… वो अपने truck को अलग ढंग से देखता है ………उसकी अलग सोच , अलग दृष्टि को नकार मत दीजिये ……… बल्कि उसे प्रेरित कीजिये कि वो अलग ढंग से सोचे , कुछ नया सोचे ………..

ये दुनिया जो आपको आज दिखती है वो उन लोगों की वजह से नही जो लकीर के फकीर थे बल्कि उन लोगों के कारण है जो लीक से हट कर चले , वो जिन्होंने कुछ नया सोचा , हट के सोचा ।

ख से खबूतर सोचने वाले बच्चों को प्रोत्साहित कीजिये ……….

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