मोदी के हर कदम पर लगाए जाने वाले आरोपों के जबाब इधर हैं : अमित सिंघल

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फेसबुक में मेरी पोस्ट को कई मित्र शेयर करते है. उसमे कई कमेंट भी आते है. लेकिन अगर कमेंट करने वाला व्यक्ति मेरी मित्र सूंची में नहीं है तो मैं जवाब नहीं देता. कुछ कमैंट्स में निराशा दिखाई देती है कि फलाने-ढिखाने के कारण भाजपा चुनाव हार जाएगी. इसके अलावा मित्रो में कुछ आक्रोश भी दिखाई देता है कि इस बन्दे या उस देशद्रोही को अरेस्ट क्यों नहीं किया गया? आतंकवाद फ़ैलाने वाले आतंकी देश को आतंकी देश क्यों नहीं घोषित किया गया? या फिर उस देश से मोस्ट फेवर्ड नेशन का स्टेटस क्यों नहीं हटा रहे? विकास दर में कमी हो गयी….इत्यादि, इत्यादि.
कुछ प्रश्नों के जवाब देने का प्रयास करता हूँ.
भाजपा का अगला चुनाव हारने की सम्भावना क्षीण है. जैसा की मैंने पिछली पोस्ट में लिखा था कि पिछले वर्ष ऐसे लाभार्थियों – जिनके बैंक अकाउंट में मोदी सरकार ने सीधे सब्सिडी का ट्रांसफर किया – की संख्या 60 करोड़ पहुँच गयी. यानि की भारत की जनसँख्या का लगभग आधा भाग. (इन लाभार्थियों में से कई को एक से अधिक लाभ – जैसे की मनरेगा, अन्न, गैस, इत्यादि – मिल रहा होगा. अतः व्यक्तिगत लाभार्थियों की संख्या कम हो सकती है.) उनको लाभ सीधे-सीधे “दिखाई” दे रहा है.
यह है स्मार्ट गवर्नेंस या प्रशासन.

आतंकी देश को आतंकी देश क्यों नहीं घोषित कर रहे? अगर घोषित कर दिया, तो आपको अपनी एम्बेसी और कांसुलेट हटानी पड़ेगी. इसके साथ अपने “एजेंट” जो वहां की “व्यवस्था” पे “निगाह” रखते है. अगर किसी अन्य देश ने उस आतंकी को आतंकी घोषित नहीं किया, तब आप अकेले क्या करेंगे? आतंकी घोषित करने के बाद आप का अगला कदम क्या होगा? 

मोस्ट फेवर्ड नेशन का स्टेटस देने या ना देने से भी दोनों देशो के बीच व्यपार होगा. अभी व्यापार भारत के फेवर में है; निर्यात-आयत के समीकरण के बाद, भारत को उस देश से 8000 करोड़ रुपये से अधिक की प्राप्ति हो रही है. फिर, मोस्ट फेवर्ड नेशन स्टेटस की प्रोपगंडा वैल्यू भी देखिये. हर जगह बताया जाता है कि हमने तो उस आतंकी देश को मोस्ट फेवर्ड नेशन बना रखा है, जबकि वह हमारे यहाँ आतंकी भेजता है. 

कुछ समय के लिए विकास दर में कमी आनी ही है, अगर रचनात्मक विनाश करेंगे. प्रश्न यह भी पूछना चाहिए कि नोटबंदी से नक्सलों, आतंकियों और पत्थर फेंकने वालो पे क्या असर हुआ? क्या विकास दर के नाम पे दो लाख से अधिक फर्जी कम्पनियाँ चलने देना चाहिए था? क्या GST लागू नहीं होना चाहिए था? वर्ष 2008-09 में GDP की वृद्धि दर घटकर 6.72% क्यों रह गई? क्यों? तब ना तो नोटबंदी थी, ना ही GST? भारत को इस समय घटित हो रही डिजिटल क्रांति के लिए सरकार कैसे तैयार करेगी? क्या पुराने तरीके से बिज़नेस कर के? कुछ समय पहले Q1 पे ग्रोथ 5.7% थी, तब भी इसने शोर मचाया था. अब Q3 में में 6.5% है? यह वृद्धि कैसे हो गयी? क्या इस पे विचार नहीं होना चाहिए? 

अंत में, इंडिया गेट पे सभी प्रधानमंत्री क्यों श्रद्धांजलि अर्पित करते है (“उन्होंने” सलाम ठोकने शब्द का प्रयोग किया है; अतः सतर्क रहे)? इंडिया गेट भारतीय सेना के 70,000 सैनिकों के बलिदान का स्मारक है जिन्होंने अंग्रेजो की सेना में लड़ते हुए प्रथम विश्व युद्ध के दौरान विदेश में शहादत प्राप्त की. इंडिया गेट में राष्ट्र उनको नमन करने जाता है.

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